झारखंड : लोहरदगा में मना 44वां पेंशनर दिवस

17 दिसंबर को झारखंड के लोहरदगा के सूचना भवन सभागार में अखिल भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ दिल्ली के निदेशानुसार 44 वें पेंशनर दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें कहा गया कि जब 5 वर्ष के जन प्रतिनिधियों को पेंशन मिलने का प्रावधान है तो 60 वर्ष तक काम करने वाले कर्मियों को पेंशन क्यों नहीं?

इस अवसर पर कहा गया कि विकास के पर्याय रहे सेवानिवृत्त कर्मी भी पेंशनर के हकदार हैं और उन्हें भी पेंशन मिलनी चाहिए।

आयोजित कार्यक्रम में कहा गया कि 2004 के बाद नियुक्त सभी केन्द्रीय तथा राज्य के राजपत्रित- अराजपत्रित सहित संविदा, अनुबंध, दैनिक वेतन भोगी, आउटसोर्सिंग, ठेका आदि पर काम करने वाले कर्मियों को भी पेंशन मिले। रेल यात्रा में पेंशनरों को मिल रहे कोरोना काल के पहले की तरह छूट मिले। 01 जनवरी 2020 से 30 जून 2021 तक के 18 महीने के लम्बित रखे गए डी ए का भुगतान किया जाय। पेंशन को आयकर से छूट दी जाए।  

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि मात्र 5 साल की सेवा के लिए माननीय बने लोग आज कर्मचारी के रूप में लाखों रुपये मासिक वेतन-भत्ता उठा रहे हैं, वहीं संविधान के अनुसार कार्य करने वाले कर्मचारियों को परिवार चलाने लायक वेतन-भत्ता भी नहीं दिया जा रहा है, यह सरासर अन्याय है।

इतना ही नहीं, जितनी बार माननीय एमएलए, एमपी, मंत्री, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री बनते हैं, उतनी बार का अलग-अलग पेंशन एवं भत्ता लेते हैं। यही कारण है कि एक ओर अरब पति लोग देश की उन्नति में बाधक हो रहे हैं। वहीं सेवानिवृत्त सरकारी कर्मियों को पेंशन से वंचित कर दे रहे हैं।

एक चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी की योग्यता मैट्रिक /आई ए होना जरूरी है, लेकिन माननीय के लिए किसी प्रकार की योग्यता की जरूरत नहीं। यह भी देश का दुर्भाग्य है। बीए, एमए, पीएचडी, टेक्नीकल आदि कर डॉक्टर, इंजीनियर की योग्यता प्राप्त छात्र बेरोजगार हो दर-दर भटक रहे हैं। उन्हें गिग वर्कर्स का काम करना पड़ रहा है।

सरकारी कार्यालयों/विद्यालयों में 75% से अधिक पद रिक्त है, लेकिन उन पदों पर बहाली करना माननीय लोग जरूरी नहीं समझ रहें हैं। यही कारण है कि गुंडागर्दी भी बढ़ रही है। नौकरी और पेंशन ही उस पर रोक लगा सकते हैं।

उदघाटनकर्ता, मुख्य अतिथि एवं अतिथि के रूप में आधी दुनिया की प्रतिनिधित्व के रूप में नीरु कुमारी, जिला नियोजन पदाधिकारी लोहरदगा तथा इन्दु तिवारी-लोकपाल (मनरेगा) शामिल हुई तथा अध्यक्षता ई. भक्तिपद महतो व वरदानी वेक राज्य सचिव (महिला प्रकोष्ठ) झारखंड राज्य पेंशनर समाज, रांची ने किया।

त्पश्चात जुलूस के रूप में काफी संख्या में पेंशनर समाहरणालय लोहरदगा पहुंचे॓ और जुलूस सभा में तब्दील हो गया। इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महेश कुमार सिंह ने प्रतिवेदन को विस्तार से रखा। उसके बाद प्रतिवेदन 11सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल उपायुक्त लोहरदगा को समर्पित किया। उन्होंने ज्ञापन को आगे प्रेषित करने का आश्वासन दिया।

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